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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा सख्त, मैदानी अमले की होगी जवाबदेही  *एनआरसी में समन्वय नहीं करने पर सीडीपीओ राजगढ़ की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश* 

 

राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं एवं मैदानी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव से संबंधित हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और उसे पोर्टल पर अपडेट करे। इसके साथ ही समस्त सीएचओ को राजगढ़ मुख्यालय पर बुलाकर उनसे संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए एनसीडी पोर्टल पर अनिवार्य डेटा एंट्री कराई जाए।

 

कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की आवश्यकता अनुसार ही सोनोग्राफी सुनिश्चित कराई जाए, अनावश्यक सोनोग्राफी की सलाह न दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन निजी चिकित्सकों अथवा सोनोग्राफी केंद्रों ने अनुमति प्राप्त करने के बावजूद सोनोग्राफी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नर्सिंग होम एवं सोनोग्राफी केंद्रों का नियमित एवं सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सामान्य एवं गंभीर कुपोषित बच्चों के डाटाबेस की नियमित एवं सख्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के साथ उन्हें दी जा रही दवाओं, विशेषकर एंटीबायोटिक्स की उपलब्धता एवं वितरण की जानकारी संधारित की जाए। संबंधित दवाओं की उपलब्धता की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। इन सभी बिंदुओं की टीएल बैठक में नियमित रूप से समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जाएगी।

 

समीक्षा के दौरान एनआरसी में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी मामलों में स्वास्थ्य विभाग से समुचित समन्वय नहीं करने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सीडीपीओ राजगढ़ की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि कुपोषित बच्चों के उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण एवं फॉलोअप में दोनों विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट वितरण एवं निश्चय मित्र योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने तथा निश्चय मित्रों के माध्यम से आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता एवं संपर्क व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में रेबीज वैक्सीन से संबंधित नोडल अधिकारी का नाम एवं मोबाइल नंबर आगामी सात दिवस में प्रमुख स्थानों पर चस्पा किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आमजन को तत्काल संपर्क की सुविधा मिल सके। उन्होंने टिटनेस इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि जिले के सभी पीएचसी एवं सीएचसी में टिटनेस इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। दुर्घटना के मामलों में यह इंजेक्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित सीबीएमओ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर सेवाओं का लाभ सुनिश्चित करें। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती अंशुबाला मसीह सहित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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