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संबल योजना बनी मुश्किल वक्त का सहारा, किसी ने छुड़ाई गिरवी जमीन तो किसी ने शुरू किया कारोबार

राजगढ़, । मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना एवं मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण योजना विपरीत परिस्थितियों में श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। योजना के तहत प्राप्त अनुग्रह सहायता राशि से जिले के कई परिवारों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिली है। किसी हितग्राही ने इलाज के दौरान लिया कर्ज चुकाया, किसी ने गिरवी रखी जमीन छुड़ाई, तो किसी ने सहायता राशि से अपना व्यवसाय शुरू कर आजीविका का नया साधन विकसित किया।

 

गिरवी जमीन छुड़ाने में मिली मदद

 

ग्राम पटाड़ियाधाकड़ निवासी मांगीलाल की पत्नी स्वर्गीय श्यामाबाई मालवीय का 14 सितंबर 2025 को निधन हो गया था। पत्नी के इलाज के दौरान काफी खर्च होने के कारण मांगीलाल को अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ी थी। पत्नी के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। ऐसे समय में संबल योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने गिरवी रखी जमीन छुड़ा ली, जिससे परिवार पर पड़ा आर्थिक बोझ कम हुआ।

 

इलाज का खर्च चुकाया, उधार लौटाया

 

ग्राम गुलखेड़ी कलां निवासी श्रीमती कलाबाई के पति स्वर्गीय बद्रीलाल का 29 दिसंबर 2025 को सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। दुर्घटना के बाद इलाज में काफी राशि खर्च हुई और इलाज के लिए कलाबाई को लोगों से पैसे उधार लेने पड़े। पति के निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। संबल योजना के तहत उन्हें 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने अस्पताल में हुए इलाज का खर्च चुकाने के साथ ही जरूरत के समय उधार लिए गए पैसे भी वापस किए।

 

कर्जमुक्त होकर शुरू किया किराना व्यवसाय

 

संबल योजना के तहत श्रीमती उमा बाई को उनके पति स्वर्गीय सुरेश जायसवाल के निधन के बाद 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त हुई। उनके पति मजदूरी का कार्य करते थे। निधन के बाद परिवार आर्थिक कठिनाइयों में आ गया था। उमा बाई ने सहायता राशि का उपयोग अपना कर्ज चुकाने में किया और कर्जमुक्त हुईं। इसके बाद उन्होंने घर से किराना दुकान का व्यवसाय शुरू किया, जिससे परिवार के लिए आय का नया साधन तैयार हुआ।

 

अंसार खान ने शुरू किया ऑटो पार्ट्स व्यवसाय

 

इसी तरह अंसार खान के पिता मजदूरी का कार्य करते थे। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं। संबल योजना के अंतर्गत अंसार खान को 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता तथा 5 हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता, कुल 2 लाख 5 हजार रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने इस राशि का उपयोग ऑटो पार्ट्स की दुकान शुरू करने में किया। इससे उनके परिवार के लिए आजीविका का नया साधन विकसित हुआ।

 

चारों हितग्राहियों के अनुभव बताते हैं कि कठिन परिस्थितियों में मिली आर्थिक सहायता ने परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ भविष्य के लिए भी संभलने का अवसर प्रदान किया। हितग्राहियों ने संबल योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उमा बाई और अंसार खान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

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